Thursday, 15 January 2026

A-006 वो कौन थी 29.2.16—11.36 AM


वो कौन थी 29.2.16 — 11:36 AM


वो कौन थी

मदिरा थी या प्याला थी?

मंदिर थी या शिवाला थी?

मौसम की बरसात थी वो,

या केवल मन की बात थी?


वो कौन थी

सावन की सोमवारी में,

तेरी, मेरी और हमारी में।

बाँहों में झूला करती थी,

मस्ती वो पूरी करती थी।


वो कौन थी

मोहब्बत थी या हीर थी?

लकीर थी या तक़दीर थी?

समर्पण थी या अधीर थी?

प्यारी थी या शमशीर थी?


वो कौन थी

सपनों में आया करती थी,

बाँहों में समाया करती थी।

घंटों भूल जाया करती थी,

रह-रह मुस्कराया करती थी।


वो कौन थी

मुझको सताया करती थी,

ख़ुद तो मुस्कराया करती थी।

हर बात पे हँसाया करती थी,

फिर ख़ुद शरमाया करती थी।


वो कौन थी

मुझको भगाया करती थी,

ख़ुद ही इठलाया करती थी।

ख़ुद को सजाया करती थी,

मुझको दिखाया करती थी।


वो कौन थी

सपनों में मिली, हैरान थी वो,

बन गई मेरी पहचान थी वो।

मेरी ख़ुद की कशीदाकारी थी,


ज़िन्दगी बनी हम से हमारी थी।

ज़िन्दगी भी तो कुछ ऐसी ही है,

आपने सृजित करी, वैसी ही है

सृजित करी, वैसी ही है।


 अमृत पाल सिंह गोगिया 

3 comments:

  1. well done gogia ji :) marvelous

    ReplyDelete
  2. well done gogia ji :) marvelous

    ReplyDelete
    Replies
    1. Thank you so much Sanjana for inspiring me. Please send your contact no. Mine is 9988798711

      Delete